रविवार को अल-जज़ीरा टीवी चैनल से बात करते हुए अतियाह ने दावा किया कि उनका सिर्फ़ इरादा ही नहीं, बल्कि क़तर पर हमला करने की योजना थी।
क़तरी रक्षा मंत्री ने इस योजना का ख़ुलासा करते हुए कहा कि इस योजना को दो चरणों में अंजाम दिया जाना था। पहले घेराबंदी करके, देश में डर और भय का माहौल उत्पन्न करना था, ताकि राजनीतिक उथल-पुथल हो और उसके बाद सैन्य चढ़ाई कर दी जाए।
अतियाह ने आगे कहाः पहले से ही सैन्य हमले की योजना तैयार थी और सिर्फ़ घेराबंदी करना मक़सद नहीं था। वे घेराबंदी को हमला करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे,... हमारे पास ख़ुफ़िया जानकारी और पुख़्ता सुबूत मौजूद हैं।
सऊदी अरब, यूएई और बहरैन ने 2017 से क़तर की पूर्ण नाकाबंदी कर रखी है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले इस गठबंधन का दावा है कि आतंकवाद के समर्थन के कारण, उसने दोहा के ख़िलाफ़ यह क़दम उठाया है, हालांकि क़तर ने इन आरोपों को निराधार और झूठा बताया है।